Wednesday, September 15, 2021

ये बारिशें भी न..


 फिर आज ..

झर रहा है आकाश ..

साँझ ढले से ही..

कभी मुसकान सी फुहारें फेंकता....

तो कभी..धीमा धीमा ..

सिसक सिसक कर..

ये बाहर और भीतर के मौसमों की मिली भगत..

कुछ समझ में नहीं आती...

वही सब कुछ हरा हरा ...

भीतर भी बाहर भी..

धुला धुला..नया नया सा..

यादों के परदेस से

ठंडी हवाएं..

प्यारे मेहमान सी...

मुट्ठी में बंद ..कुछ सीली सी चिट्ठियाँ...

जिनकी लिखावट ...

जाने कब धुंधली कर गयीं

ये..वक़्त- बेवक्त की बारिशें..

मन की गलियों गलियों...

भावनाओं की ढलानों पे ..

बस बहा चला जाता बारिशों का पानी...

जाने कितनी...कागज की नावें ...

डूबती -उभरती...

धुंधली धुंधली सी......

और कभी ये बारिशें..चुप चाप ...

रात के किसी पहर..दबे पांव......

किसी चोर सी...चली आती हैं

मेरे ख़ाली हुए खजाने चुराने...

या शायद.....शायद ..बस सपने भिगोने..

उन्हें सींचने आती हैं...

तभी तो.....

हर सुबह....सिराहने पर ....

गीली मिटटी की खुशबू सी आती है ..

और....

तकिये के कोने भी..

सीले हुए मिलते हैं......................है न...!!!!

9 comments:

  1. अद्धभुत एंव उत्कृष्ट सृजन👌👌💐

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  2. बेहद सुंदर
    लाजवाब लेखन

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    1. आपका बेहद शुक्रिया...... 🙂🙏

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    2. आपकी रचना पढ़ी 'औरत'..बहुत अच्छी लगी..🍫💐🙏🙂 comment करना चाहती थी...मगर option available नही दिखा कमेंट का,

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  3. बहुत ही प्यारे शब्दों से आपने पिरोया है🌹🤗मैं एन के स्वर 🙏🙏

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  4. 🙂🙂जी.. मैंने पहचान लिया N K Swar जी..सच मे बेहद खुशी हुई लंबे अंतराल के बाद आपको देख कर..दिल से आपका शुक्रिया कि आपने समय दे कर मुझे पढ़ा और अपनी प्रतिक्रिया दी ...please visit करते रहें🙂🙏🙏🍫🍫💐🙂

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  5. Read somewhere that Science search truth where Arts go one step ahead. Searches thr beauty of truth. Rain drops a natural phenomenon. which evolved epic literature from Kalidas meghdutam, Ghalib to Tagore to Keats. Your literary take on rain ,it's characterisistics and internalization of the rain incidence in our conscious or sub conscious mind is extraordinary. You end with a query for that uunswer is uninanimously assertive. Yes. Ha. 🌹🌹

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    1. How splendidly you expressed your thoughts ...always amazed with your literary brilliance.. 😇🙏🙏🙏🙏
      Thank u so much for your precious time devoted to read me.. Gratitude 😇😇💐🙏

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